हरियाणा के जींद के सफीदों निवासी दीपक सैनी न्यूज पेपर फेंकने के अपने रजनीकांत स्टाइल को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने मुंबई में इंडिया गॉट टैलेंट (IGT) में अपने स्टाइल में पेपर फेंक कर दिखाया तो शो की जज फिल्म अभिनेत्री मलाइका अरोड़ा बेहद इंप्रेस हुईं। उनका मुंह खुला का खुला रह गया। फिर बोलीं-आपने तो एकदम ग्लैमरस कर दिया। बॉलीवुड सिंगर शान ने दीपक को ह्यूमन ड्रोन बताया। स्टाइल में न्यूज पेपर फेंकने की दीपक की वीडियो पर सोशल मीडिया में 160 मिलियन यानी 16 करोड़ व्यूज़ हैं। अब वो इंस्टा पेपर बॉय के नाम से मशहूर हैं। इंडिया गॉट टैलेंट के जिस एपिसोड में दीपक नजर आए वो 7 दिसंबर को टीवी पर प्रसारित हुआ। इसके बाद से उनकी पुरानी वीडियो पर व्यूज़ 157 मिलियन से बढ़कर 160 मिलियन हो गया। इसमें दीपक अभिनेता कमल हासन की फिल्म ‘अप्पू राजा’ के सॉन्ग…आया है राजा लोगो रे लोगो…पर अखबार फेंकते दिख रहा है। पहले देखिए पेपर बॉय दीपक सैनी का टैलेंट…4 PHOTOS
टैलेंट से मुंबई तक का सफर, जज भी हुए प्रभावित… अब जानिए इंडिया गॉट टैलेंट में दीपक ने क्या किया… मुंबई बुलाने का ईमेल आया, 27 नवंबर को मंच पर दिखाई प्रतिभा
दैनिक भास्कर एप से बातचीत में दीपक बताते हैं कि उन्हें एक दिन ईमेल मिला कि उन्हें इंडियाज गोट टैलेंट के शो में आना है। उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि एक अखबार डालने वाला लड़का इतनी बड़ी स्टेज पर पहुंचेगा। वह 22 नवंबर को मुंबई के लिए निकले और 23 नवंबर को वहां पहुंचे। उन्हें होटल में ठहराया गया और 27 नवंबर को उन्होंने इंडिया गॉट टैलेंट की स्टेज पर अपनी प्रतिभा दिखाई। शो रात साढ़े 9 बजे रिकॉर्ड हुआ था। दीपक का कहना है कि उन्होंने टैलेंट तो दिखा दिया लेकिन आगे क्या होगा, इसका अभी कोई संदेश नहीं मिला है। स्टेज पर पहुंचकर घबराहट हुई, लेकिन प्रैक्टिस ने दिलाया आत्मविश्वास
दीपक बताते हैं कि शो के दौरान जब वह स्टेज पर पेपर फेंकने वाले थे तो थोड़ी घबराहट थी। मगर, उन्होंने अपने टैलेंट पर भरोसा किया। शो टीम की तरफ से उन्हें पहले कुछ टास्क दिए गए थे। एक टास्क में लोगों के हाथों में अखबार डालना था, दूसरे में पेपर से बोतलें गिरानी थीं। उन्होंने दोनों टास्क की प्रैक्टिस की और सब कुछ अच्छे से होता गया। मेरी प्रेरणा मैं खुद हूं, मेहनत से यहां तक पहुंचा
दीपक का कहना है कि वह किसी से इंस्पायर नहीं हुए हैं, उनकी प्रेरणा खुद उनकी जिंदगी है। उन्होंने कड़ी मेहनत से अपने हुनर को निखारा है। उनकी प्रैक्टिस इतनी है कि किसी भी दिशा से अखबार फेंके, वह सीधे घर के अंदर ही जाता है। यही उनका स्टाइल है। उन्होंने बताया कि उन्होंने 60 न्यूजपेपर से शुरुआत की थी, लेकिन आज वह सैकड़ों अखबार रोज सप्लाई करते हैं। 13 साल की उम्र से हॉकर, खुद का स्टाइल बनाया
दीपक ने बताया-13 साल की उम्र से हॉकर हूं। शुरुआत में साइकिल से अखबार डालते जाता था, फिर बाइक ली। 10 साल से बाइक से ही पेपर सप्लाई कर रहा हूं। भीड़भाड़ हो या खाली सड़क, संकरी गलियां हों या चौड़ी सड़क…अब अंदाजा है कि किस घर या दुकान के अंदर अखबार पहुंचाने के लिए क्या एंगल और कितनी स्पीड रखनी होगी। यह हुनर नसों में बस चुका है। ————– ये खबर भी पढ़ें… हरियाणा के बॉबी का 5 रुपए में फिल्मी सफर:दिल्ली स्टेशन पर लुटे, मुंबई में स्पॉटबॉय रहे; अब हरियाणवी बैकग्राउंड वाली बॉलीवुड फिल्म ला रहे हरियाणा के करनाल जिले के घरौंडा कस्बे से निकले बॉबी सिंह की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। 17 साल की उम्र में हीरो बनने का सपना लेकर घर से भागे। रास्ते में लूट हुई, होटल में बर्तन साफ किए, फिर स्टंटमैन बने।बॉलीवुड के बड़े-बड़े सितारों संग काम किया। अब बॉबी सिंह सच्ची घटना पर आधारित फिल्म ‘सनम फिर मिलेंगे’ के प्रोड्यूसर हैं, जिसमें बॉलीवुड के कई नामी चेहरे नजर आएंगे। (पूरी खबर पढ़ें)
टैलेंट से मुंबई तक का सफर, जज भी हुए प्रभावित… अब जानिए इंडिया गॉट टैलेंट में दीपक ने क्या किया… मुंबई बुलाने का ईमेल आया, 27 नवंबर को मंच पर दिखाई प्रतिभा
दैनिक भास्कर एप से बातचीत में दीपक बताते हैं कि उन्हें एक दिन ईमेल मिला कि उन्हें इंडियाज गोट टैलेंट के शो में आना है। उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि एक अखबार डालने वाला लड़का इतनी बड़ी स्टेज पर पहुंचेगा। वह 22 नवंबर को मुंबई के लिए निकले और 23 नवंबर को वहां पहुंचे। उन्हें होटल में ठहराया गया और 27 नवंबर को उन्होंने इंडिया गॉट टैलेंट की स्टेज पर अपनी प्रतिभा दिखाई। शो रात साढ़े 9 बजे रिकॉर्ड हुआ था। दीपक का कहना है कि उन्होंने टैलेंट तो दिखा दिया लेकिन आगे क्या होगा, इसका अभी कोई संदेश नहीं मिला है। स्टेज पर पहुंचकर घबराहट हुई, लेकिन प्रैक्टिस ने दिलाया आत्मविश्वास
दीपक बताते हैं कि शो के दौरान जब वह स्टेज पर पेपर फेंकने वाले थे तो थोड़ी घबराहट थी। मगर, उन्होंने अपने टैलेंट पर भरोसा किया। शो टीम की तरफ से उन्हें पहले कुछ टास्क दिए गए थे। एक टास्क में लोगों के हाथों में अखबार डालना था, दूसरे में पेपर से बोतलें गिरानी थीं। उन्होंने दोनों टास्क की प्रैक्टिस की और सब कुछ अच्छे से होता गया। मेरी प्रेरणा मैं खुद हूं, मेहनत से यहां तक पहुंचा
दीपक का कहना है कि वह किसी से इंस्पायर नहीं हुए हैं, उनकी प्रेरणा खुद उनकी जिंदगी है। उन्होंने कड़ी मेहनत से अपने हुनर को निखारा है। उनकी प्रैक्टिस इतनी है कि किसी भी दिशा से अखबार फेंके, वह सीधे घर के अंदर ही जाता है। यही उनका स्टाइल है। उन्होंने बताया कि उन्होंने 60 न्यूजपेपर से शुरुआत की थी, लेकिन आज वह सैकड़ों अखबार रोज सप्लाई करते हैं। 13 साल की उम्र से हॉकर, खुद का स्टाइल बनाया
दीपक ने बताया-13 साल की उम्र से हॉकर हूं। शुरुआत में साइकिल से अखबार डालते जाता था, फिर बाइक ली। 10 साल से बाइक से ही पेपर सप्लाई कर रहा हूं। भीड़भाड़ हो या खाली सड़क, संकरी गलियां हों या चौड़ी सड़क…अब अंदाजा है कि किस घर या दुकान के अंदर अखबार पहुंचाने के लिए क्या एंगल और कितनी स्पीड रखनी होगी। यह हुनर नसों में बस चुका है। ————– ये खबर भी पढ़ें… हरियाणा के बॉबी का 5 रुपए में फिल्मी सफर:दिल्ली स्टेशन पर लुटे, मुंबई में स्पॉटबॉय रहे; अब हरियाणवी बैकग्राउंड वाली बॉलीवुड फिल्म ला रहे हरियाणा के करनाल जिले के घरौंडा कस्बे से निकले बॉबी सिंह की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। 17 साल की उम्र में हीरो बनने का सपना लेकर घर से भागे। रास्ते में लूट हुई, होटल में बर्तन साफ किए, फिर स्टंटमैन बने।बॉलीवुड के बड़े-बड़े सितारों संग काम किया। अब बॉबी सिंह सच्ची घटना पर आधारित फिल्म ‘सनम फिर मिलेंगे’ के प्रोड्यूसर हैं, जिसमें बॉलीवुड के कई नामी चेहरे नजर आएंगे। (पूरी खबर पढ़ें)